डोंगरगढ़- शहर भाजपा में अंतर्कलह, 4 कार्यकर्ताओं को नोटिस

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डोंगरगढ़ भाजपा में बढ़ी अंतर्कलह चार कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस, संगठन में अनुशासन पर उठे सवाल।

डोंगरगढ़- देश का सबसे बड़ा राजनीतिक दल मानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को परिवार का हिस्सा मानने का दावा करती है। हालांकि डोंगरगढ़ शहर भाजपा मंडल में पिछले कुछ समय से आंतरिक मतभेद और गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है, जिसे संगठन के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।

चार सक्रिय कार्यकर्ताओं को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस-

भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई राजनांदगांव ने डोंगरगढ़ शहर मंडल के चार सक्रिय कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत के हस्ताक्षर से जारी नोटिस में परविंदर सिंह (मोन्टी), संतोष राव, विरेंद्र साहू और प्रिंस कक्कड़ से 24 घंटे के भीतर जिला भाजपा कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर जताई आपत्ति-

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि संबंधित कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया एवं अन्य मंचों पर पार्टी, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से विरोधात्मक टिप्पणियां की गई हैं, जिससे संगठन की छवि प्रभावित हो रही है। जिला नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कार्यकर्ताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

हाल ही में पूर्व मंडल उपाध्यक्ष ने भी छोड़ी थी पार्टी-

गौरतलब है कि हाल ही में डोंगरगढ़ भाजपा के सक्रिय नेता एवं पूर्व मंडल उपाध्यक्ष अनील पाण्डेय ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और चाटुकारिता को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। इस घटनाक्रम ने संगठन के भीतर चल रही नाराजगी को और उजागर कर दिया।

पहले भी हो चुकी है अनुशासनात्मक कार्रवाई-

इससे पहले भी डोंगरगढ़ से जुड़े एक युवा भाजपा नेता, जो खुज्जी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय थे, को सोशल मीडिया पोस्ट के चलते पार्टी ने अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए छह वर्ष के लिए निष्कासित किया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने संगठन के भीतर अनुशासन और समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज-

लगातार कारण बताओ नोटिस, निलंबन और इस्तीफों की घटनाओं के बाद डोंगरगढ़ भाजपा की आंतरिक स्थिति राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक एकजुटता और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को लेकर भी जिला एवं प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं। आम जनता भी सोच रही है जिस पार्टी में कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं वहां आम जनता का क्या ही भला होगा?

विमल अग्रवाल

संपादक-डीजी न्यूज़

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