डोंगरगढ़- फर्जी अंकसूची से खुला फर्जी स्कूल का राज, दूसरे स्कूल प्रबंधन ने की शिकायत।

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शिक्षा विभाग व प्राईवेट स्कूल की मिली भगत से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़।

डोंगरगढ़- विकासखंड के ढ़ारा संकुल से शिक्षा विभाग और एक निजी स्कूल की मिलीभगत से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जिसकी लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव से की गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम ढ़ारा में संचालित आदर्श पब्लिक स्कूल द्वारा ग्राम ढ़ारा में ही संचालित एक अन्य विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर का युडाईस कोड (22090612802) का गलत उपयोग करते हुए केन्द्रीकृत परीक्षा 2025-26 में फर्जी तरीके से कक्षा पांचवी में विद्यार्थियों को बैठाया गया है। जो की पूर्णतः गलत है।

बिना अनुमति बिना जानकारी दिए दूसरे स्कूल के युडाईस कोड का उपयोग-

जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव को दिए गए लिखित शिकायत पत्र में यह बातें सामने आई हैं कि आदर्श पब्लिक स्कूल द्वारा ग्राम ढारा में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन समिति के बिना जानकारी व बिना अनुमति के युडाईस कोड का उपयोग किया गया तथा शाला प्रबंधन समिति से इसकी अनुमति भी नहीं ली गई थी। जिस पर सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय द्वारा अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रशासन से आदर्श विद्या मंदिर की जांच एवं कार्यवाही की मांग की गई है।

विद्यार्थियों को दी गई फर्जी अंकसूची-

आदर्श पब्लिक स्कूल विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को फर्जी अंकसूची जारी किया गया है। जिसमें दूसरे स्कूल का युडाईस कोड का उपयोग तो किया ही गया लेकिन, पेन नंबर और छात्रों का अपार नंबर भी दर्ज नहीं है। अंकसूची में संस्था प्रमुख की सील मोहर हस्ताक्षर कुछ नहीं हैं। जिससे मामला और भी गंभीर व संदेहास्पद हो जाता है।

शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया-

बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसे इतने गंभीर मामले में जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल का विभागीय पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क किया गया परंतु उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। वहीं डोंगरगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास मिश्रा से दूरभाष पर संपर्क करने पर सुशासन त्यौहार में व्यस्तता की बात कहते हुए बाद में मिलने का आश्वासन दिया। ढ़ारा संकुल समन्वयक महेंद्र कंवर ने युडाईस कोड के गलत इस्तेमाल करने के संबंध में इसे टाइपिंग मिस्टेक बताते हुए अपना पल्ला झाड़ दिया।

सूत्रों की मानें तो आदर्श पब्लिक स्कूल दो वर्षों से अवैध तरीके से बिना किसी अनुमति बिना रजिस्ट्रेशन बिना युडाईस कोड के संचालित हो रहा है जिसमें विभागीय संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता।

विमल अग्रवाल

संपादक-डीजी न्यूज़

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