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वंदे मातरम का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान
कांग्रेस के लिए देश के कानून से बड़ा cwc का निर्णय-
राजनांदगांव- विपक्षी दल के नेता कांग्रेस के सुप्रीमो राहुल गांधी अक्सर रैली और बैठकों में संविधान की दुहाई देकर अपने साथ संविधान की किताब को लहराते हैं, लेकिन जब बात संविधान के पालन की आती है तो वे और पूरी कांग्रेस इससे पीछे हट जाती है। इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर संसद में बने कानून से हट कर अपनी वर्किंग कमेटी के निर्णय को बड़ा मान लिया है। इस घटनाक्रम से कांग्रेस और राहुल गांधी का दोहरा चरित्र एक बार फिर उजागर हुआ है। भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कांग्रेस की ओर से पारित प्रस्ताव की निंदा की है और इसे संविधान का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अब अपने अपमान को एक प्रस्ताव की शक्ल दे दी है। उसकी कार्यसमिति ने तय किया है कि कांग्रेस के मंचों पर ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो छंद ही गाए जाएंगे। जबकि संसद में पारित हुए कानून के मुताबिक वंदे मातरम के पूरे छह छंद गाना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा की स्वतंत्रता दिवस के दिन वंदे मातरम का यही अपमान एक व्यक्ति के आचरण में उजागर हुआ था, तब कांग्रेस ने उसे संयोग बता कर टाल दिया था। आज वही अपमान कांग्रेस की नीति बन चुका है। राजपूत ने कहा कि, ”भारत माता की इस पावन वंदना का अपमान उन हजारों बलिदानियों का तिरस्कार है, जिन्होंने इसी गीत को अपनी चेतना में रखकर राष्ट्र के लिए बलिदान दिया था। यह केवल एक राजनीतिक बचाव नहीं, बल्कि उस वोट बैंक की भूख का प्रमाण है, जिसके आगे कांग्रेस ने हर बार राष्ट्र के स्वाभिमान को गिरवी रखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि वो खुद को देश और संविधान से ऊपर मानती है। अपनी पार्टी के प्रस्ताव को संविधान के कानून से ऊपर मानती है। इसके साथ अब कांग्रेस ने इस अटकलों पर विराम लगा दिया है कि वो अब आज की नई मुस्लिम लीग बन गई है। वंदे मातरम को लेकर 1937 में मुस्लिम लीग की जो जिद थी, वही जिद आज संसद से पारित कानून के बाद कांग्रेस की वंदे मातरम को लेकर है।
जनता के बीच जाकर करेंगे कांग्रेस का पर्दाफाश-
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक बार फिर तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। राष्ट्रगीत पूरा न गाना अवहेलना है। इस फैसले ने कांग्रेस के तुष्टीकरण की पुष्टि की है। ये संसद में पारित एक्ट को खारिज कर रहे हैं। लेकिन अब तुष्टीकरण की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी जनता के बीच जाकर कांग्रेस के फैसले का विरोध करेगी। राजपूत ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार हम लोगों के बीच जा कर कांग्रेस के संविधान विरोधी मुखौटे का पर्दाफाश करेंगे।
विमल अग्रवाल
संपादक-डीजी न्यूज़








