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जैन समाज द्वारा दसलक्षण महापर्व में प्रतिभाओं और संत सेवा से जुड़े लोगों का सम्मान।
डोंगरगढ़- श्री दिगम्बर जैन समाज डोंगरगढ़ द्वारा दसलक्षण महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। 108 पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के शिष्य बाल ब्रह्मचारी श्री श्लोक भैया(कटनी म.प्र.) के सानिध्य में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य एवं ब्रह्मचर्य धर्म का सार एवं प्रथमानुयोग, कर्नानुयोग, चर्नानुयोग एवं द्रव्यानुयोग का मूल एवं गुण रहस्य बहुत ही सरलता से समझाया। उन्होंने ‘नर से नारायण बनने’ तथा ‘मोक्ष मार्ग’ में सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान एवं सम्यक चारित्र का महत्त्व समझाया।

पूजन, अभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखा उत्साह-
महापर्व के दौरान प्रतिदिन पूजन, अभिषेक, शांतिधारा, प्रवचन, प्रश्न मंच, आरती, भजन सहित नृत्य, नाटिका, फैंसी ड्रेस एवं भजन गायन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चे, बुजुर्ग एवं समाजजनों ने उत्साहपूर्वक धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की।

प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान-
दसलक्षण पर्व के आठवें दिन श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति डोंगरगढ़ के तत्वावधान में प्रतिभा सम्मान एवं उत्कृष्ट संत सेवा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कक्षा 12वीं में आदि जैन (सुपुत्र प्रीती सचिन जैन) ने 87.80% तथा तनिष्का जैन (सुपुत्री प्रीती शैलेश जैन) ने 80.40% अंक प्राप्त किए। वहीं कक्षा 10वीं में दक्ष जैन (सुपुत्र राखी कमलेश जैन) ने 90.40, सक्षम जैन (सुपुत्र समीक्षा सचिन जैन) ने 84.80, सिद्दांश जैन (सुपुत्र सपना आकाश जैन पंचरत्न) ने 83 और मोक्ष जैन (सुपुत्र सोनल निशांत जैन) ने 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सभी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में प्राचार्या के रूप में उत्कृष्ट कार्य के लिए राजकुमारी जैन को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि अहिंसा ही जैन की पहचान है और इससे उन्हें किसी भी प्रकार से समझौता नहीं करना चाहिये चाहे कितनी भी कठिन परिस्तिथी क्यों न हो। उपस्थित बच्चों को प्रशासनिक पद की तैयारी के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छे लोग जब प्रशासन में आयेंगे तो भारत के विकास को और गति मिलेगी।

संत सेवा के लिए सत्यदेव साहू सम्मानित-
पनियाजोब निवासी सत्यदेव साहू को उत्कृष्ट संत सेवा के लिए सपरिवार सम्मानित किया गया। वे पिछले कई वर्षों से डोंगरगढ़-बोरतलब मार्ग से आने-जाने वाले साधु-संतों के ठहरने एवं वैयावृत्ति की सेवा करते आ रहे हैं। इसी क्रम में समाजसेवा के लिए श्री चौहान तथा बच्चों को निःशुल्क कोचिंग देने के लिए उनके पुत्र विनय चौहान को भी सम्मानित किया गया।
शोभायात्रा के साथ हुआ महापर्व का समापन-
भाद्रपद पूर्णिमा पर भगवान को सिंहासन पर विराजमान कर गाजे-बाजे एवं भजन के साथ नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शाम को सामूहिक वात्सल्य भोज का आयोजन हुआ।
चंद्रगिरी तीर्थ क्षेत्र में हुए धार्मिक आयोजन-
श्री दिगम्बर जैन चंद्रगिरी अतिशय तीर्थ क्षेत्र में 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी एवं 108 आचार्य श्री समयसागर महाराज जी के आशीर्वाद से 105 आर्यिका श्री शैलमति माता जी एवं 105 आर्यिका श्री विदुरमति माता जी के सानिध्य में संगीतमय पूजन, विधान, अभिषेक, शांतिधारा, प्रवचन एवं आरती सहित दसलक्षण महापर्व संपन्न हुआ।
श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति अध्यक्ष अनिल जैन ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं एवं उत्कृष्ट सेवा करने वाले लोगों का सम्मान करना गौरव की बात है। कोषाध्यक्ष जय कुमार जैन एवं सचिव सुरेश चंद जैन ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। चंद्रगिरी अतिशय तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष सेठ सिंघई किशोर जैन ने भी महापर्व के सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी निशांत जैन (निशु) ने दी।
विमल अग्रवाल
संपादक- डीजी न्यूज़







