केसीजी- म्यूल एकाउंट एवं ऑनलाइन सट्टा पर बड़ी कार्यवाही, म्यूल एकाउंट में पौने दो करोड़ का ट्रांजेक्शन

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जय राम🙏जय जोहार साथियों

🔷केसीजी पुलिस की बड़ी कार्यवाही,साइबर अपराध में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों एवं ऑनलाइन सट्टा पर बड़ी कार्यवाही।

🔷खाताधारकों से किराये से बैंक खाते प्राप्त कर करोड़ों रूपये के संदिग्ध लेनदेन से हुआ खुलासा।

🔷मास्टरमाइंड राहुल देवांगन समेत 4 आरोपी गिरफ्तार।

केसीजी- भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं एनसीआरबी से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना छुईखदान पुलिस द्वारा ऐसे बैंक खातों की जांच की गई, जिनमें असामान्य रूप से अत्यधिक संख्या में वित्तीय लेन-देन एवं बड़ी मात्रा में धनराशि का ट्रांजेक्शन होना पाया गया। जांच के दौरान संबंधित खाताधारकों से पूछताछ कर बैंक खातों के ट्रांजेक्शन का विस्तृत परीक्षण किया गया।

छुईखदान क्षेत्र अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, शाखा छुईखदान के खाताधारक दीपक निर्मलकर के बैंक खाते में देश के विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी एवं साइबर फ्रॉड से संबंधित लगभग ₹1,69,32,368/- (एक करोड़ उनहत्तर लाख बत्तीस हजार तीन सौ अड़सठ रुपये) का लेन-देन होना पाया गया।

मामले की जांच साइबर पुलिस द्वारा करते हुए संबंधित बैंक से ट्रांजेक्शन विवरण प्राप्त किया गया। पूछताछ में आरोपी दीपक निर्मलकर ने स्वीकार किया कि उसने अपना बैंक खाता राहुल जंघेल को ₹12,000/- प्रतिमाह किराये पर उपलब्ध कराया था। आरोपी राहुल जंघेल से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उक्त खाते का उपयोग महाराष्ट्र के मुंबई स्थित पलावा सिटी में किराये के फ्लैट से संचालित ऑनलाइन गेमिंग एवं साइबर फ्रॉड गतिविधियों में किया जाता था। विभिन्न राज्यों के लोगों से धोखाधड़ी कर प्राप्त राशि इन बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। राहुल जंघेल ने बताया कि पूरे ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क का संचालन राहुल देवांगन द्वारा किया जाता था, जो नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों को लगभग ₹25,000/- प्रतिमाह वेतन देता था।

आरोपी राहुल देवांगन ने पूछताछ में ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टेबाजी का संचालन करना स्वीकार किया। उसने बताया कि लगभग चार माह पूर्व लगातार आर्थिक नुकसान होने के कारण उन्होंने मुंबई से अपना संचालन बंद कर दिया और सभी आरोपी अपने-अपने गृह जिलों में वापस आ गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वर्तमान में आरोपी विजय कुमार साहू ग्राम गगरिया खम्हरिया में रहकर अकेले ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे पिछले लगभग दो वर्षों से फेयर प्ले, रेड्डी अन्ना, जयराम एवं शिवा बुक जैसे ऑनलाइन गेमिंग/सट्टेबाजी एप्लिकेशनों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन सट्टेबाजी एवं गेमिंग नेटवर्क संचालित कर रहे थे। इस दौरान विभिन्न बैंक खातों का उपयोग अवैध धनराशि के लेन-देन के लिए किया जाता था। आरोपियों से जप्त खातों में से बची 5,00000/(पांच लाख रूपये) शेष राशि को फ्रिज कराया जायेगा। प्रकरण में 10 लाख 50 हजार रूपये की संपत्ति को जप्त किया गया।

प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

🔷गिरफ्तार आरोपी- 01)दीपक निर्मलकर, पिता दीनू राम निर्मलकर, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम नवागांव (लोधी), थाना छुईखदान, जिला केसीजी (छ.ग.)

02)राहुल जंघेल, पिता विजय जंघेल, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम मैनहर, थाना छुईखदान, जिला केसीजी

03)राहुल देवांगन, पिता बसंत कुमार देवांगन, उम्र 25 वर्ष, निवासी कुनरा, वार्ड क्रमांक 06, बजरंग चौक, धरसींवा, जिला रायपुर (छ.ग.)

04)विजय कुमार साहू, पिता डोमन राम साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम गगरिया खम्हरिया, शीतला चौक, थाना सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम (छ.ग.)

🔷जप्त सामग्री- 19 नग एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के) 05 नग बैंक पासबुक, 14 नग मोबाइल फोन, 01 नग लैपटॉप। कुल अनुमानित कीमत 5,50,000 ₹ (पांच लाख पचास हजार रुपये) एवं खातो में कुल 5,00000/ में फ्रिज कर, कुल 10 लाख 50 हजार रूपये।

विमल अग्रवाल

संपादक-डीजी न्यूज़

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