डोंगरगढ़(कुर्रुभाठ)-रावटी पहाड़ सतनाम धाम में सत्संग का आयोजन।

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जय राम????जय जोहार साथियों

ना दिल की सुनो ना दिमाग की आप के अंदर विराजमान आत्मारूपी परमात्मा ही साचा है:- संत कुंदन जी

????डोंगरगढ़:- धर्मनगरी की पावन सतनाम धाम, परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की ऐतिहासिक रावटी पहाड़ कुर्रुभाठ में ट्रस्ट द्वारा सतनाम सतसंग कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्यप्रवचनकर्ता के रूप में आदर्श नगर मोवा रायपुर के संत कुंदन आडिल सतनामी जी, साथ में संत उत्तम सतनामी जी, संत सनत सतनामी जी का आगमन हुआ।

????पावन सतनाम धाम रावटी पहाड़ के नीचे गुरुद्वारा में गुरुआसन गद्दी, सतनाम ज्योति प्रजवलित कर विधिवत आरती वंदना कर संतों का चंदन से स्वागत किया गया तत्पश्चात सतनाम सत्संग की शुरुवात हुई।

????परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के बताए सात संदेश ब्यालीस उपदेशों कों बहुत ही सुंदर ढंग से उदाहरण के साथ बखान करते हुए आज के प्रवचनकर्ता संत कुंदन जी ने कहा- जब कभी हम परेशान हों और कोई रास्ता ना सुझे तो… ना दिल की सुनो ना दिमाग की जो आप के अंदर विराजमान आत्मारूपी परमात्मा है उनकी सुननी चाहिए वो हमें कभी भी राह से भटकने नहीं देंगे। आज जो आपने गुरु बाबा जी के सात संदेशों व उपदेशों कों सुना है उन्हें आत्मसात करें जीवन में उतारे अपनी दिनचर्या में लाए इसी में मनुष्य का कल्याण छुपा है! प्रकृति के नियम सभी के लिए एक समान है, हम कौन होते हैं भेदभाव ऊंच नीच छोटा बड़ा करने वाले, माता पिता गुरुजन हमें समान शिक्षा दीक्षा देते हैं, हमें उनसे सीखकर सोच समझकर जीवन में आगे बढ़ना होता है।
????प्रमुख अतिथि के रूप में सम्मिलित संत उत्तम बंजारे सतनामी ने कहा- भागमभाग हो गई है जिंदगी और सभी के पास चौबीस घंटे का ही समय है, अपनी दैनिक दिनचर्या में हमें परिवार, काम, खुद का ध्यान रखते हुए ये भी याद रखना चाहिए की मालिक ने हमें मनुष्य जन्म देकर धरती पर भेजा है तो केवल उपभोग के लिए ही नहीं बल्कि सेवा के लिए भेजा है दिन दुखियों की समाज व प्रकृति की सेवा के साथ साथ इन चौबीस घंटों में उस मालिक के (ध्यान)के लिए समय निकालना जरूरी है! क्यूंकि विश्वास से भरी प्रार्थनाओं में ऐसी अदृश्य शक्तियां विद्यमान होती है जो असंभव को संभव कर देती है। तनाव, भय, और अवसाद से निवृत्ति में… प्रार्थना अचूक उपाय है तथा इस उपाय से मन को प्रसन्नता, शांति, सहज मिलती है और ऐसे सतनाम सत्संग कार्यक्रम व संतों की संगत से जीवन का रहस्य, निदान प्राप्त होता है।
????कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रावटी ट्रस्ट के अध्यक्ष परस राय, पंचराम चंदेल, शंकर बघेल, सुरेश गेण्डरे, ईश्वरी बंजारे, जितेंद्र गेण्डरे, लालचंद जोशी, केशव बारले, रामकिशुन बंजारे, संतोष राजेकर, सुरेश दास, श्रीमती तमेश्वरी, श्रीमती पुनिता जोशी, कुंभदास जोशी, चंद्रेश कुमार बघेल, बी.डी. कोसरे सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। उक्त जानकारी रावटी पहाड़ कुर्रूभाठ डोंगरगढ़ के ट्रस्टी शंकर बघेल ने दी।

डीजी न्यूज़ डोंगरगढ़
संपादक-विमल अग्रवाल

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