राजनांदगांव एवं डोंगरगढ़ के फरार म्यूल खाता धारक भेजे गए जेल।

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जय राम🙏जय जोहार साथियों

राजनांदगांव- पुलिस ने दो म्यूल एकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया है, जो सायबर धोखाधड़ी में शामिल थे। आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से बेईमानी से प्रवंचना कर सायबर धोखाधड़ी कर कुल 09 बैंकों के खाता नंबरों में 6,86,860 रूपये का सायबर अपराध धोखाधडी कर जमा होना पाया गया।

आरोपी– 01)लिकेश साहू पिता परमानंद साहू उम्र 22 वर्ष निवासी पटपर तहसील डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव

02)चन्दूलाल क्षत्रीय पिता धनसाय क्षत्रीय उम्र 55 वर्ष निवासी बसंतपुर वार्ड नं.46 थाना बसंतपुर जिला राजनांदगांव को धारा 317 (2), 317 (4), 317(5), 3 (5) 111 भारतीय न्याय संहिता के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव भेजा गया।

मामले के अन्य आरोपी 1) मोह0 सलीम पिता अब्दुल सत्तार उम्र 24 वर्ष निवासी खजरी थाना घुमका जिला राजनांदगांव (छ0ग0) 2) शिवा डेविड पिता रवि डेविड उम्र 33 वर्ष निवासी संजय नगर वार्ड नं. 05 थाना सुपेला जिला दुर्ग (छ0ग0) पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

‘‘म्यूल अकाउंट’’ आमतौर पर धोखाधड़ी और साइबर क्राइम से संबंधित उपयोग किया जाने वाला शब्द है। यह ऐसे बैंक अकाउंट है जिसका उपयोग अपराधी अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर करने या छिपाने के लिए करते हैं।

🔷कैसे काम करता है म्यूल अकाउंट-

1)अपराधी किसी व्यक्ति को टारगेट करते हैं, जो जानबूझकर या अनजाने में अपना बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।

2)अपराधी उस अकाउंट का उपयोग करके धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को ट्रांसफर करते हैं।

3)पैसे को कई अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जाता है ताकि इसे ट्रैक करना मुश्किल हो।

🔷म्यूल अकाउंट बनने वाले व्यक्ति कौन हो सकते हैं?

1)ऐसे लोग जिन्हें इसकी जानकारी नहीं होती कि उनके अकाउंट का गलत इस्तेमाल हो रहा है।

2)आर्थिक रूप से कमजोर लोग, जिन्हें लालच देकर फंसाया जाता है।

3)कभी-कभी लोग जानबूझकर भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं और अपराधियों की मदद करते हैं।

🔷इससे बचने के तरीके-

1)अनजान लोगों को अपना अकाउंट विवरण न दें।

2)कोई भी संदिग्ध ऑफर या बड़ी रकम का लालच न लें।

3)अपने बैंक अकाउंट की नियमित जांच करें।

4)अगर कोई ऐसा प्रस्ताव मिले, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

म्यूल अकाउंट का उपयोग गैरकानूनी होता है, और इसमें शामिल होना या मदद करना भी अपराध है।

🔷राजनांदगांव पुलिस की आम जनता से अपील-

किसी के कहने पर अपना बैंक खाता, मोबाईल सिम, चेकबुक, एटीएम कार्ड ना देवें। आरोपी इसका उपयोग सायबर ठगी करने में करते हैं। खाता धारक अपने बैंक खाता को किराये पर देने, कमीशन पर देने और बेचने का काम करते हैं इन बैंक खातों को म्यूल एकाउण्ट कहा जाता है। सायबर ठगों द्वारा इसका उपयोग कर अपने देश में और दूर देशों में बैठ कर गेमिंग एप्प, गेम्बलिंग एप्प, फर्जी ट्रेडिंग एप्प, सेक्सट्रासन, डिजिटल अरेस्ट एवं विभिन्न प्रकार के सायबर ठगी का काम कर करोड़ों रूपये लोगों से ठगते हैं। जिनके नाम से यह बैंक खाता है वह भी सायबर ठगी के अपराधी हैं, इस लिये ऐसे किट/म्यूल एकाउण्ट देने वाले खाताधारक व देश/विदेशों में इन म्यूल एकाउण्ट को प्रोवाईड कराने वालों के विरूद्ध भी अपराध पंजीबद्ध होगा और वे जेल जाने के भागीदार होंगे। इस लिए पुनः लोगों से अपील है कि किसी के कहने पर अपना बैंक खाता, मोबाईल सिम, चेकबुक, एटीएम कार्ड किसी को ना दें।

डीजी न्यूज़ डोंगरगढ़

संपादक-विमल अग्रवाल

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