जय राम🙏जय जोहार साथियों
शराब मुक्ति की ओर बढ़ता बूढ़ान छापर…
सरपंच रेखा नोहर सिन्हा ग्रा.पं. बूढ़ान छापर ने नशा मुक्त समाज के लिए कविता के माध्यम से दिया सुंदर संदेश…

1)एक दिन गाँव ने मिलकर सोचा,
अब कुछ नया करना होगा।
नशे की इस काली छाया से,
अपने गाँव को बचाना होगा।
2)एक साल पहले पहला कदम,
ग्राम पटेल ने आगे बढ़ाया।
पंचों ने अपना साथ दिया,
सरपंच ने भी हाथ मिलाया।
3)शराब मुक्ति की मुहिम चली,
जन-जन तक संदेश पहुँचाया।
कुछ हद तक सफलता मिली,
गाँव ने बदलाव को अपनाया।
4)कई घरों में खुशियाँ लौटीं,
कई परिवारों ने चैन पाया।
सबसे सुंदर बदलाव तो यह था,
युवा पीढ़ी ने नई राह को अपनाया।
5) अब हाथों में बोतल नहीं,
सपनों की मशाल दिखाई देती है।
शिक्षा, खेल और रोजगार की,
नई उम्मीद दिखाई देती है।
6)माँ की आँखों में खुशी हो,
बच्चों के सपने साकार हों।
हर घर में सुख-शांति हो,
युवा अपने भविष्य के जिम्मेदार हों।
7)ग्राम पटेल की पहल, पंचों का साथ,
सरपंच का सहयोग और जनता की भागीदारी—
मिलकर लिख रही है बूढ़ान छापर में,
शराब मुक्ति की नई कहानी।
8)अभी मंजिल पूरी नहीं हुई,
यह अभियान आगे बढ़ाना है।
मिलकर अपने गाँव को हमको,
पूरी तरह नशामुक्त बनाना है।
9) शराब छोड़ें, जीवन जोड़ें,
नशा छोड़ें, भविष्य गढ़ें।
युवा शक्ति को नई दिशा दें,
बूढ़ान छापर को नई पहचान दें।
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साभार- सरपंच पति नोहर सिन्हा





