डोंगरगढ़- धर्मनगरी को अधर्मनगरी बना दिए तस्कर।

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जय राम🙏जय जोहार साथियों

🔷धर्मनगरी में ढाबों में परोसी जा रही शराब, तस्करों के हौसले बुलंद।

🔴डोंगरगढ़- मां बम्लेश्वरी की नगरी में शराब पर प्रतिबंध सिर्फ एक दिखावा से अधिक कुछ नहीं है। नगर के हर कोने में धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब साथ ही नगर के लगभग सभी ढाबों में बेखौफ परोसी जा रही है। खंडूपारा टॉकीज चौंक हो या बस स्टैंड रोड, बुधवारी पारा हो या फिर खैरागढ़ रोड सभी जगह बड़ी आसानी से देशी विदेशी मदिरा उपलब्ध है। कुछ तो गाड़ी की डिक्की में रखकर खुलेआम होम डिलीवरी करते देखे जा सकते हैं, कुछ धर्मस्थलों के आस पास भी अवैध रूप से शराब बिक्री करते हैं तो कुछ पर सत्ता का वरदहस्त है।

प्रशासन भी कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर वाहवाही बटोर अपनी पीठ थपथपा लेती है जिससे ढाबा मालिकों के साथ ही तस्करों के हौसले बुलंद है।

अवैध शराब के इस खेल में भट्टी के सुपरवाइजर से लेकर विभागीय मिलीभगत एवं राजनैतिक दखल भी देखने को मिलता है जिससे पेटी पेटी माल ओव्हर रेट में कोचियों को ब्लॉक की सभी भट्ठियों से आसानी से मिल जाता है।

डीजी न्यूज़ से चर्चा में एक जागरूक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि शराब तस्करों और नशे के सौदागरों के कारण डोंगरगढ़ का नाम कलंकित हो रहा है इससे अच्छा है सरकार नगर के हर कोने में शराब भट्टी खोल दे जिससे शराब की कालाबाजारी तो बंद होगी। इस संबंध में डोंगरगढ़ थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

विदित रहे कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी जिले में कोचिया प्रजाति खत्म करने की बात कही थी। अब देखना यह है कि क्या डोंगरगढ़ नाम मात्र की धर्मनगरी रहेगा या फिर धर्मनगरी को कलंकित करने वालों पर प्रशासन लगाम लगाएगा।

डीजी न्यूज़ डोंगरगढ़

संपादक-विमल अग्रवाल

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