जय राम🙏जय जोहार साथियों
🔷डोंगरगढ़ की विद्यासागरोदय विद्यायतन समाधि स्मारक समिति द्वारा “महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण” प्रदान किया जाता है।

🔷पुरस्कार स्वरूप- एक लाख रुपये, स्वर्ण एवं रजत पदक तथा अभिनंदन पत्र दिया जाता है।
🔷अब तक पांच विभूतियां सम्मानित।
राजनांदगांव/डोंगरगढ़- परम पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन-दर्शन, अहिंसा, करुणा, संयम, जीव दया और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्थापित ‘महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण’ की गौरवशाली यात्रा वर्ष 2021 से 2026 तक जारी रही है। इस प्रतिष्ठित सम्मान से अब तक पांच विभूतियों एवं संस्थाओं को उनके उत्कृष्ट सामाजिक, मानवीय और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है।
यह अलंकरण आचार्य विद्यासागर जी महाराज के 50वें आचार्य पदारोहण वर्ष 2021-22 के अवसर पर जबलपुर में स्थापित किया गया था। इसके अंतर्गत चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को स्वर्ण एवं रजत पदक, अभिनंदन पत्र तथा एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है। सम्मान का उद्देश्य राष्ट्रीय सेवा, मानव कल्याण, विश्व शांति, शाकाहार के प्रचार-प्रसार, जीव दया, प्राणी संरक्षण तथा पर्यावरण संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को प्रोत्साहित करना है।
वर्षवार सम्मानित विभूतियां-
वर्ष 2021 में प्रथम अलंकरण उद्योगपति एवं आर.के. मार्बल वंडर ग्रुप के चेयरमैन अशोक पाटनी को महाराष्ट्र में बाढ़ पीड़ित गरीबों के लिए 200 मकान बनवाने, अनेकों विधवा महिलाओं को आजीवन पेंशन देने और गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति देने जैसे अनेकों मानव कल्याण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
वर्ष 2022 में दूसरा अलंकरण ‘लोकबिरादरी प्रकल्प’ के प्रणेता डॉ. प्रकाश आमटे को दिया गया। वे आदिवासी समुदाय की सेवा और जीव दया के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते हैं।
वर्ष 2023 में तीसरा अलंकरण पद्मश्री / पद्म विभूषण से सम्मानित, जयपुर (राजस्थान) के प्रतिष्ठित पर्यावरणविद एवं “ट्री मैन” के नाम से प्रसिद्ध कैलाश मानव को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जीवन भर के श्रेष्ठ एवं अनुकरणीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
वर्ष 2024 में चौथा अलंकरण गोवंश संरक्षण एवं जीव दया के क्षेत्र में कार्यरत दयोदय महासंघ, भोपाल को प्रदान किया गया। संस्था मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक गौशालाओं का संचालन करती है जिनके माध्यम से 1 लाख से अधिक निराश्रित, घायल और बीमार पशुओं को बचाया जा चुका है। यह समारोह रायपुर में आयोजित हुआ था।
वर्ष 2026 में पांचवां अलंकरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को राष्ट्रसेवा एवं राष्ट्र जागरण में योगदान के लिए प्रदान किया गया। भोपाल में आयोजित समारोह परम पूज्य पट्टाचार्य आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के आशीर्वाद, सानिध्य एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देशभर से संतगण, विद्वान और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
डोंगरगढ़ की समिति करती है आयोजन-
इस प्रतिष्ठित अलंकरण का आयोजन डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) की विद्यासागरोदय विद्यायतन समाधि स्मारक समिति द्वारा किया जाता है। समिति आचार्य विद्यासागर जी महाराज के आदर्शों के अनुरूप शिक्षा, साहित्य, सेवा और संस्कार के क्षेत्र में कार्यरत है। यह सम्मान प्रतिवर्ष समाजसेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
यह अलंकरण मात्र सम्मान नहीं, बल्कि आचार्य श्री के जीवन-दर्शन — अहिंसा, संयम, करुणा, राष्ट्रीय चेतना और “जियो और जीने दो” के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प है।
विमल अग्रवाल
संपादक-डीजी न्यूज़




