डोंगरगढ़–मुड़पार सरपंच पर लगा फर्जी कमाई में मास्टर डिग्री करने का आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जय राम????जय जोहार साथियों

????ग्राम मुड़पार के सरपंच पर लगा फर्जी कमाई में मास्टर डिग्री करने का आरोप।
????गांव के पंच एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर व जिला पंचायत में की शिकायत।

????डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़पार की पूरी अबादी पानी की समस्या से जुझ रही है, पीने के पानी के लिए परेशान है और उस गांव का सरपंच बोरवेल सुधार के नाम पर रिकार्ड तोड़ फ़र्जी बिल लगाकर भ्रष्टाचार का रिकार्ड तोड़ दिया है और अलग अलग बील लगाकर 10 लाख 30 हज़ार रुपए से अधिक की राशि गबन कर लिया है यह जानकारी सूचना का अधिकार से मिले दस्तावेजों से प्राप्त हुई है। वहीं 5 सालों में 13 लाख रुपए से अधिक का फोटो कापी व रजिस्टर खरीदी कर रिकार्ड बना दिया है जबकि पंचायत का निरीक्षण किया जाये तो वहां 3 आलमारी है और तीनों आलमारी में जो दस्तावेज रखे हैं वो पिछले कार्यकाल का है तो प्रश्न यह उठता है है कि वो दस्तावेज कहाँ हैं और नहीं है तो क्या पुरा बिल फ़र्जी है? क्या सरपंच सचिव के द्वारा पुरी राशि का बंदरबांट करके गबन किया गया है? एक दुकान का दो भाईयों के नाम से करीब 8 लाख रुपए निकाल कर राशि चतुराई से गबन किया गया है तो वहीं मुरमुंदा में राम फोटो कापी विनम साहु के नाम से जो छोटा सा दुकान हैं उनके नाम से 3 लाख 65 हजार रू का फ़र्जी बिल लगाकार सरपंच सचिव के द्वारा फर्जीवाड़ा किया गया है जिसकी जानकारी विनम साहु को भी नहीं है ना उसके खाते में पैसा गया है। मतलब बिल किसी और का खाता नंबर किसी और का लगाकर पुरे खेल को अंजाम दिया गया है। उससे भी दिलचस्प खेल तो ये है जहां गांव के हर गली में सी.सी रोड बना हुआ है उन गलियों में सरपंच सचिव द्वारा सी.सी रोड के ऊपर मुरम डालने के नाम पर फिरतु सिन्हा मेढ़ा के नाम से बिल लगाकर छोटा मोटा नहीं 187900 रु की रशि सीधा गबन कर दिया गया है। पाँच साल में 15 वार्ड में एक बार भी नाली सफाई नहीं हुई पुरी नाली गंदगी से भरी पड़ी है और सरपंच सचिव द्वारा नाली से निकले कचरे के उठाव हेतु रामकिशोर चौधरी के नाम से बिल लगाकर 183235 करीब 2 लाख रुपये, गन्धरमा चौधरी के नाम से 93100 रूपये, और धनसाय वर्मा के नाम से 72400 रुपये निकाल कर फर्जीवाड़ा करने का मामला प्रकाश में आया है जबकि नाली कभी साफ हुआ नहीं है। सिर्फ एक बार सफ़ाई हुआ है तो वो भी रोजगार गारंटी के लेवर के द्वारा किया गया है जिसका भुगतान तलाब गहरीकरण से हुआ है। अब सीधा सीधा भ्रस्टाचार सबसे बड़ा गबन पर आते हैं 6 नग पानी टंकी सिन्टेक्स के नाम पर 252850 रुपये अलग अलग 3 बिल लगाकार सरपंच द्वारा पैसा गबन किया गया है जबकि गाँव में कहीं पर भी एक भी पानी टंकी नहीं लगाया गया और करीब 3 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा पानी टंकी के नाम पर किया गया है। जो 2 नग पानी टंकी लगी है वो जनपद सदस्य द्वारा अपने निधी से लगाया हुँ कहना है वहीं 2022 में विधायक निधी से कुर्मी भवन निर्माण के लिए 665000 लाख पास हुआ जिसका 40% अग्रिम रशि 265000 रू निकाल लिया गया पर भवन निर्माण का काम आज तक शुरू तक नहीं हुआ ना एक रुपया का मटेरियल आया। सरपंच द्वारा करोना महामारी तक को नहीं छोड़ा कुछ लोग को सहायता देकर उसमें भी अलग अलग बिल लगाकर 1लाख रुपये का गबन कर लिया गया है सुचना के अधिकार से जब दस्तावेज प्राप्त हुआ तब पंच और ग्रामवासियों को सरपंच के द्वारा किये गए भ्रष्टाचार का पता चला तब जिला पंचायत व कलेक्टर के पास शिकायत पत्र पंच और गांव के लोगों के द्वारा दिया गया है अधिकारीयों ने जल्द से जल्द कार्रवाई करने की बात कही है।

डीजी न्यूज़ डोंगरगढ़
संपादक–विमल अग्रवाल

1
0
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
error: Content is protected !!