जय राम????जय जोहार साथियों
????श्रीमद्भागवत कथा मोक्ष स्वरुप है– पं.मनोज शर्मा
???? डोंगरगढ़ के समीपस्थ ग्राम सारंगपुर में 4 से 12 जनवरी तक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समस्त ग्रामवासियों द्वारा किया गया है।
????कथा व्यास–पं.मनोज शर्मा भंडारपुर खैरागढ ने कथा में बताया कि परम चैतन्य स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण सर्व व्याप्त हैं।
वही ईश्वर,परित्राणाय साधुनां विनाशाय च दुष्कृताम , के लिए भगवान ने श्रीकृष्ण अवतार लेकर मां वसुन्धरा को पाप मुक्त किया।
ज्ञान जब तक शब्दात्मक है तब तक शांति नहीं मिलती इसलिए परमानंद के लिए ज्ञान को क्रियात्मक बनाना चाहिए।
चंद्रवंश में भगवान श्रीकृष्ण अवतरित हुए और सुर्यवंश मे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जी तात्पर्य यह है कि चंद्रवंश की कथा से मन शुद्ध और सुर्यवंश की कथा से बुध्दी शुद्ध होती है और दोनों की शुद्धता से जीवन शुद्ध होता है।
????श्री भागवत जी का उद्देश्य- पिबत भागवतं रसमालयं,
अर्थात् जब तक शरीर में चेतना है भगवत रस का पान करते रहो
श्रीकृष्ण भगवान ही साक्षात् प्रेमरस है। जीवन को मधुर व सरस बनाने के मनुष्य को भागवत कथा श्रवण करना चाहिए।
श्रीकृष्ण अवतार में उनकी अद्भुत बाल लीला में पुतना वध, माखन चोरी, काली दाह प्रसंग, चीर हरण लीला, गोवर्धन पर्वत को धारण करना, इंद्र का मान भंग करना इत्यादि के साथ बताया कि श्रीकृष्ण जी कहते हैं कि संपूर्ण प्रकृति ही मुझ परमात्मा का सगुण रुप है , जिसके द्वारा पुरे विश्व का संचालन करता हूं। उस प्रकृति का संरक्षण ही ईश्वर की परम पुजा व महारास है, ये सारी कथायें जीव मात्र को सांसारिक विषयों की ओर जाने से रोकती है,
????कंश वध के पश्चात उद्धव की ब्रज यात्रा कथा–भगवान अपने जन का अभिमान कभी नहीं रखते, इसी प्रसंग पर परम ज्ञानी उद्धव को वृन्दावन दर्शन कर गोपियों से मिलने कहा वृन्दावन में श्रीकृष्ण विरह में व्याकुल गोपियों ने उद्धव को भक्ति रस में डूबो दिया, ज्ञान अभिमान मिश्रित होने से निरस हो जाता है।
????भगवान श्रीकृष्ण जी की द्वारिका लीला, रुक्मणी विवाह से शुरु हुआ आठ पटरानी आठ प्रकृति ही हैं, इन प्रकृति को अपने वश में करने वाला ही परमेश्वर श्रीकृष्ण है।भगवान श्रीकृष्ण के अन्यान्य विवाह भी उनके लीला का ही एक अंग है।
????विप्र सुदामा पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा वर्णन के साथ कथा विराम हुआ। 11 जनवरी को परीक्षित मोक्ष की के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण जी की महाआरती होगी और 12 जनवरी को गीता पाठ के साथ तुलसी वर्षा हवन व महाप्रसाद वितरण होगा।
उक्त जानकारी शिवराम सिन्हा ग्राम पटेल, राधेलाल वर्मा, प्रताप वर्मा, रामगुलाल, विरेंद्र, केजू मुकाम, बंशी सेन ने देते हुए अधिक से अधिक संख्या में कथा में उपस्थित होकर पुण्य प्राप्त करने की अपील की है।
डीजी न्यूज़ डोंगरगढ़
संपादक–विमल अग्रवाल








