#पीएम आशा योजना से लाभान्वित होंगे किसान, 1 दिसंबर से दलहन तिलहन की खरीदी होगी MSP पर।

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जय राम🙏जय जोहार साथियों

🔷पीएम आशा योजना से समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी।

🔴राजनांदगांव- शासन द्वारा पीएम आशा योजना अंतर्गत सहकारी सोसायटियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी की जाएगी। जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। कृषि विभाग ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। खरीफ एवं रबी मौसम में दलहन-तिलहन फसलों का लाभ उठाने वाले किसानों को पीएम आशा योजना का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना अंतर्गत प्राईस सपोर्ट स्किम के तहत खरीफ में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन फसलों तथा रबी में चना, मसूर और सरसों फसलों का उपार्जन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाएगा। इसके लिए जिले में प्राथमिक कृषि सहकारी समिति के 15 उपार्जन केन्द्रों तथा एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। योजनान्तर्गत खरीफ 2025 के दलहन फसल अरहर, उड़द, मूंग एवं तिलहन फसल में सोयाबीन, मूंगफली तथा रबी 2025-26 हेतु चना, मसूर एवं सरसों फसलों की खरीदी उपार्जन केन्द्रों में होगी। भारत सरकार द्वारा किसानों के हित में और दलहन तथा तिलहन क्षेत्र का रकबा बढ़ाने के लिए यह सार्थक प्रयास किया गया है।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अधिसूचना जारी कर अरहर 15 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 तक, मूंग एवं उड़द 1 दिसम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक, मूंगफल्ली एवं सोयाबीन 1 दिसम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक, सरसों 15 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 तक, चना एवं मसूर 1 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक खरीदी करने के लिए तिथि निर्धारित की गई है। नाफेड उपार्जन एजेंसी के रूप में कार्य करेगी। कृषि विभाग को अधिक से अधिक किसानों तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये गये है। योजनान्तर्गत कृषकों को खरीफ के साथ-साथ रबी मौसम में बोई जाने वाली फसलों का सीधा मुनाफा उनके बैंक खातों में प्राप्त होगा। इससे न केवल रबी फसलों का क्षेत्र विस्तार होगा, बल्कि उन क्षेत्रों के किसानों को भी लाभ होगा, जहां केवल खरीफ में धान की खेती की जाती थी। शासन द्वारा रबी में दलहन-तिलहन फसलों के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाएं जैसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, नेशनल मिशन ऑन आयलसीड, द्वि फसलीय क्षेत्र विस्तार और आत्मा योजना के तहत अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। प्राईस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत राजनांदगांव के विभिन्न सेवा सहकारी समितियों को अधिसूचित किया गया है, जिनमें घुमका, पदुमतरा, सोमनी, छुरिया, कुमरदा, गैंदाटोला, गहिराभेड़ी, डोंगरगांव, तुमड़ीबोड़, कोकपुर, खुर्सीपार, डोंगरगढ़, अछोली, मुसरा, मोहारा और लाल बहादुर नगर शामिल हैं। फसलों के उपार्जन के लिए शासन द्वारा अधिकतम उपार्जन मात्रा प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। पंजीकरण के लिए किसानों को कृषि विभाग द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा, जिससे नाफेड द्वारा डेटा प्रदर्शित किया जाएगा। इस डेटा के आधार पर फसल उपार्जन और भुगतान की प्रक्रिया की जाएगी।

उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषकों के हित में तथा दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार हेतु कृषक हितकारी योजना का शुभांरभ किया गया है। इसके तहत आने वाले 1 दिसम्बर 2025 से सोयाबीन, मूंगफली, उड़द एवं मूंग की खरीदी प्रारंभ हो रही हैं। उन्होंने कृषकों से अधिक से अधिक संख्या में अपनी फसलों को समर्थन मूल्य में विक्रय हेतु समिति पहुंचने की अपील की है।

डीजी न्यूज़ डोंगरगढ़

संपादक-विमल अग्रवाल

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