जय राम🙏जय जोहार साथियों
🔷डिजिटल अरेस्ट और फर्जी शेयर ट्रेडिंग के दो बड़े साइबर फ्राड का खुलासा।

🔷बुजुर्ग महिला व एक युवा व्यपारी से कुल 2 करोड़ से अधिक की ठगी, 04 आरोपी गिरफ्तार।
केस 1)- डिजिटल अरेस्ट के मामले में साईबर अपराधियों द्वारा फर्जी सी.बी.आई. अधिकारी व जज बनकर प्रार्थिया को मनी लॉन्ड्रिग के केस में संलिप्त होने का भय दिखाकर वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट करने एवं केस से बचाने का झांसा देकर कुल 79,69,047 ₹ (उन्यासी लाख उनहत्तर हजार सैंतालीस) की ठगी की गई।
केस 2)- शेयर टेड्रिंग के मामलों में साईबर अपराधियों द्वारा एक युवा व्यापारी को फर्जी वेबसाईट का लिंक भेजकर ज्यादा मुनाफा दिलाने के नाम पर 1,21,53,590 ₹ (एक करोड़ ईक्कीस लाख तिरेपन हजार पांच सौ नब्बे) की ठगी।
🔷अब म्यूल एकाउट प्रोवाईडर के साथ साथ खाता धारकों एवं बैंक खाता एकत्रित कर फ्राडस्टर को म्यूल खाता व सिम प्रदान करने वाले एजेंटों और फ्रॉड का रकम निकालने वालों पर होगी कार्यवाही।
🔴राजनांदगांव- थाना कोतवाली क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट व शेयर ट्रेडिंग का मामला पुलिस के संज्ञान में आने पर वरिष्ठ अधिकारीयों के मार्गदर्शन में सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार एवं थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित किया गया। सायबर सेल द्वारा प्रार्थियों के बैंक मनीट्रेल और आरोपियों के बैंक डिटेल व अन्य तकनीकी मदद् से जानकारी इकट्ठा कर गुरूग्राम हरियाणा व मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर रवाना हुए और डिजिटल अरेस्ट के 01 आरोपी एवं शेयर टेड्रिंग के मामले में 03 आरोपियों को हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया गया दोनों प्रकरणों में आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक, आधार, पैन कार्ड एवं 05 नग मोबाइल फोन जप्त किया गया। मामले का विवरण-
केस 1)- अज्ञात साईबर ठगों द्वारा स्वयं को एयरटेल कर्मचारी, फिर सीबीआई अधिकारी और बाद में “जज” बताकर 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को वीडियो कॉल पर मनी लांड्रिंग के केस में फंसे हो कहकर डराया और व्हाट्सअप वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट का झांसा देते हुये मनी लॉन्ड्रींग केस में फर्जी जज बनकर सुनवाई के दौरान कहा कि उनके खाते की रकम को जज के खाते में आरटीजीएस करें, जिससे उनकी निर्दोषता साबित होगी। डर के कारण पीड़िता ने ठगों के बताये बैंक खातों में 79,69,047 ₹ (उन्यासी लाख उनहत्तर हजार सैंतालीस) ट्रांसफर कर दी। प्रार्थिया के सूचना पर थाना कोतवाली में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। साइबर सेल व थाना कोतवाली की संयुक्त टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर छानबीन की। ठगी की रकम में से 20 लाख ₹ आरोपी द्वारा यश बैंक के खाते में प्राप्त किया गया था। टीम गुरूग्राम हरियाणा में दबिश देकर एक आरोपी राधेश्याम को हिरासत में लिया। आरोपी द्वारा ठगी से प्राप्त रकम को गुरूग्राम हरियाणा के विभिन्न बैंकों में चेक व एटीएम के माध्यम से नगद निकालकर 02 प्रतिशत कमीशन अपने पास रख कर बाकी ठगी के रकम को गिरोह को भेजता था। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की पतासाजी जारी है।
आरोपी:- (01) राधेश्याम पिता धनाराम उम्र 20 वर्ष निवासी कुश्लावा जिला जोधपुर (राजस्थान)
केस 2)- साईबर ठगों द्वारा स्वयं को फारेक्स/ऑनलाइन ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर प्रार्थी आयुष अग्रवाल निवासी राजनांदगांव को रुपये दोगुना करने का लालच दिया। इनवेस्टमेंट हेतु व्हाटसअप के माध्यम से फर्जी वेबसाईट लिंक भेजकर उस पलेटफार्म पर फर्जी तरीके से शुरूवात में छोटा मुनाफा 15 हजार ₹ प्रार्थी के एकाउंट में ट्रांसफर किये इस प्रकार प्रार्थी को भरोसे में लिया और बड़े निवेश में ज्यादा फायदा देने की बात कहकर कुल मिलाकर 1,21,53,590 ₹ (एक करोड़ ईक्कीस लाख तिरेपन हजार पांच सौ नब्बे) विभिन्न खातों में जमा कराए। ठगों ने कमीशन और निवेश के नाम पर लगातार पैसे माँगे। बढे़ हुये रकम को प्रार्थी द्वारा विथड्रॉ करने की बात करने पर ठगों द्वारा बहाना करने पर प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ फिर प्रार्थी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 व थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर साइबर सेल व थाना कोतवाली की टीम ने मनी ट्रेल व तकनीकी जांच कर मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर में दबिश दी और बंधन बैंक के खाता जिसमें ठगी की रकम 9 लाख ₹ ट्रांसफर की गई थी। जिसके खाता धारक धीरज सिंह जिसके द्वारा अपनी कंपनी किसान बाजार के नाम पर करंट बैंक खाता खुलवाकर उसे ठगी हेतु 1,30,000 ₹ (एक लाख तीस हजार) कमीशन लेकर ठगों को बेचा गया था व उक्त बैंक खाता को ठगों तक पहुंचाने वाले गिरोह के अरविंद ठाकुर जो कि खाता उपलब्ध कराने हेतु 2 प्रतिशत लेता था तथा डिम्पल यादव (बीटेक सायबर सेक्यूरिटी का छात्र) ठगों को खाता उपलब्ध कराने के एवज में व 2.8 प्रतिशत कमीशन लेने का काम करता था। खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी कमीशन के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी-यूएसडीटी के रूप में वॉलेट एड्रेस में प्राप्त करते थे।
आरोपीः- (01)धीरज सिंग पिता गुलाब सिंग उम्र 34 वर्ष, निवासी अंजनी नगर, काजीखेड़ी थाना पार्वती (म.प्र.)
(02)अरविन्द ठाकुर पिता मनोज सिंह ठाकुर उम्र 30 वर्ष निवासी मुकाती कॉलोनी बैंक ऑफ़ बड़ोदा के पास कनौद रोड़ आष्टा जिला सिहोर थाना आष्टा।
(03)डिम्पल सिंह यादव पिता रणबिर सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी भिण्डावास जिला झज्जर थाना छुछकवास।
डीजी न्यूज़ डोंगरगढ़
संपादक-विमल अग्रवाल








