ग्राम ढ़ारा में पंच दिवसीय शिवकथा का आयोजन

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जय राम????जय जोहार साथियों

????धर्मनगरी डोंगरगढ के ग्राम ढ़ारा में महामाया मंदिर परिसर में 17 से 21 अगस्त तक पाँच दिवसीय शिव कथा महोत्सव।
????कथा समय- दोपहर 2 से संध्या 5:30

????कथा व्यास पं. मनोज शर्मा अध्यात्मवेत्ता भगवताचार्य भंडारपुर वाले के मुखारविंद से।
श्रावण महोत्सव अंतर्गत संगीतमय कथा का प्रथम दिवस शिवसेवा समिति के तत्वावधान में कलश यात्रा, कथारंभ, शिवभक्त विंदुग चंचुला की शिवभक्ति से मोक्ष की कथा के साथ आचार्य जी ने कहा शिवपुराण साक्षात मोक्ष स्वरुप है। सत्यं-शिवम्-सुंदरम् की संपूर्ण व्याख्या ही शिवपुराण है, जिसमें भोलेनाथ के विभिन्न रुपों व लीलाओं का वर्णन है, विषमता में समता का प्रत्यक्ष प्रमाण ही शिव पंचायतन है।
शिव के सानिध्य को प्राप्त करने से निंदनीय भी वंदनीय हो जाता है।
विषय वासना की अग्नि से मनुष्य का जीवन निरस हो चुका है। जीवन को सरस व निर्मल बनाने का अंतिम विकल्प
शिव की भक्ती व उपासना ही है।
श्रावण पर्व पर साधकों को शिव उपासना से विशेष सिद्धि प्राप्त होती है।
स्वयं दुःख रुपी विषपान कर कृपा रुप अमृत देने वाले एकमात्र सदाशिव ही हैं।

गुरूजी ने बताया कि द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग प्रसंग में आशुतोष शिव जी की कथा है-जिसके अनुसार चंद्रमा को अपनी सुंदरता का अभिमान हो गया, सत्ताईस नक्षत्र जिसकी पत्नियाँ थी, उनमें केवल रोहिणी से विशेष स्नेह रखने के कारण प्रजापति दक्ष से श्रापित हुए चंद्रदेव को भुतभावन कृपालु शिव स्वयं उनके भक्ति से प्रसन्न होकर श्राप से मुक्त किया और महादेव सोमनाथ कहलाये।
हमारे महादेव बहुत ही सरल हैं-
साधक अपनी साधना शिवराधना,न्युनतम सामग्री- जल, पुष्प, बेलपत्र से कहीं पर कहीं भी किसी भी समय पर कर सकता है वैदिक मंत्र ॐ नमः शिवाय के साथ क्योंकि संपूर्ण विश्व शिवमय है।

संगीतमय कथा 21 अगस्त नागपंचमी के दिन 12 बजे से सहस्र पार्थिव का निर्माण होगा। साधकों द्वारा सहस्रार्चन महाभिषेक के साथ भगवान आशुतोष की महाआरती के पश्चात महाप्रसादी के साथ कथा विराम।

आयोजक-शिव सेवा समिति
कार्यक्रम के मुख्य सहयोगी-महामाया मंदिर समिति के सदस्यों के साथ डाॅ. घनश्याम महोबिया, डाॅ.हेमंत महोबिया, सरला महोबिया।

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