जय राम🙏जय जोहार साथियों
🔷धर्मनगरी में मनाया गया तुलसी पूजन दिवस।
🔴डोंगरगढ़- संत श्री आशाराम बापू द्वारा प्रेरित तुलसी पूजन दिवस का पर्व आज 25 दिसंबर को महावीर मंदिर प्रांगण में सर्व हिंदू समाज के द्वारा भव्य रूप से मनाया गया। पाश्चात्य चकाचौंध से प्रभावित होकर अंधानुकरण के कारण भारतीय समाज और संस्कृति का पतन होकर देश धीरे धीरे धार्मिक, नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। अपनी संस्कृति और संस्कारों से अलग हो रहा है। गाय, गीता, गंगा, और तुलसी की महिमा को भूलता जा रहा है। जिसके कारण जनजीवन में अशांति, रोग, व्यभिचार, कलह आदि में वृद्धि होती जा रही है।
मानव जाति को पतन की खाई में गिरने से बचाकर उन्नति के शिखर तक पहुंचाने के लिए ब्रह्मज्ञानी संत श्री आशाराम जी बापू ने 2014 से यह पर्व मनाना शुरू किया और आज यह पर्व विश्वव्यापी हो रहा है।
जीवन में हम सुख, शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य चाहते हैं तो हमें अपनी जड़ें शास्त्रों और संतों से जोड़कर रखना होगा। पूज्य संत आशाराम बापू द्वारा प्रेरित 25 दिसम्बर तुलसी पूजन दिवस प्रकृति संरक्षण, संस्कृति संवर्धन और आध्यात्मिक जागरण का पर्व है। यह केवल पर्व नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने वाला एक अभियान है। तुलसी पूजन दिवस मनाकर अपने देश व समाज को स्वस्थ, उन्नत और खुशहाल बनाये। अपने पर्यावरण और संस्कृति का रक्षक और पोषक बनें।

इस अवसर पर योग वेदांत समिति, सनातन जागृति सेवा संस्थान, हनुमान भक्त समिति, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, मातृ शक्ति इत्यादि धार्मिक सामाजिक संगठनों के प्रमुखों की उपस्थिति में तुलसी माता का पूजन, वंदन, परिक्रमा, आरती एवं प्रसादी वितरण किया गया। तुलसी की महिमा जनमानस में बताकर उन्हें तुलसी के संरक्षण पोषण कर उससे लाभ लेकर जीवन को स्वस्थ और उन्नत बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
डीजी न्यूज़ डोंगरगढ़
संपादक-विमल अग्रवाल








