जय राम🙏जय जोहार साथियों
शिवधाम पर्वत जटाशंकर मंदिर में गूंजा हर हर महादेव, शक्ति वाहिनी ने अभिषेक पूजन कर 121 राम नाम की माला का किया जाप-

डोंगरगढ़- सावन माह के पावन अवसर पर धर्मनगरी डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध श्री जटाशंकर महादेव मंदिर, शिवधाम पर्वत में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन, जलाभिषेक एवं पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ती रही। पूरे पर्वत क्षेत्र में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, सुख-समृद्धि की कामना-
सावन के पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में शिवभक्त शिवधाम पर्वत पहुंचे और भगवान जटाशंकर महादेव का जलाभिषेक एवं पूजन किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की। पर्वत पर दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
शक्ति वाहिनी ने किया विधि-विधान से अभिषेक-पूजन-
शक्ति वाहिनी की सदस्यों ने शिवधाम पर्वत स्थित श्री जटाशंकर महादेव मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया। पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई। इसके पश्चात सामूहिक रूप से 121 राम नाम की मालाओं का जाप किया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों को प्रसादी का वितरण किया गया।
जटाशंकर महादेव मंदिर का है विशेष धार्मिक महत्व-
शक्ति वाहिनी की सदस्य ज्योति बड़वाइक ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि डोंगरगढ़ क्षेत्र में भगवान शिव के अनेक प्राचीन एवं आस्था के केंद्र हैं, जहां वर्षों से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। इनमें ऊंचे पर्वत पर विराजमान श्री जटाशंकर महादेव मंदिर का अपना अलग धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि शिवधाम पर्वत पर प्राकृतिक चट्टानों के बीच भगवान शिव का विराजमान होना इस स्थान को और भी विशेष बनाता है। लगभग दो एकड़ क्षेत्र में फैला यह पर्वतीय स्थल प्राकृतिक चट्टानों और हरियाली से घिरा हुआ है। पर्वत की ऊंचाई और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।
मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता-
बड़वाइक ने बताया कि मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान जटाशंकर महादेव की आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि सावन माह के साथ-साथ वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन का भी केंद्र-
शिवधाम पर्वत धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल बनता जा रहा है। चारों ओर फैली हरियाली, प्राकृतिक चट्टानों का स्वरूप और पर्वत का मनोहारी वातावरण यहां आने वाले लोगों को आकर्षित करता है। सावन में वर्षा और हरियाली के कारण पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता और भी निखर उठती है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ प्रकृति के मनोरम दृश्यों का आनंद भी लेते हैं।
क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना-
सावन के पावन अवसर पर शक्ति वाहिनी की सदस्यों ने भगवान जटाशंकर महादेव से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और सभी के कल्याण की कामना की। इस दौरान ज्योति बड़वाइक, कीर्ति बड़े, पूजा सिंह राजपूत, सीमा मिश्रा, संजू अग्रवाल, शारदा अग्रवाल, नम्रता सिसोदिया, अंजू चौधरी, नमिता चौबे, शारदा जी, कविता नामदेव, कृष्णा शर्मा, पूनम शर्मा, कविता मोटघरे, ज्योति मोटघरे, नीता मोटघरे, प्रीति पाल, अश्लेषा चौबे सहित बड़ी संख्या में शक्ति वाहिनी की सदस्य एवं शिवभक्त उपस्थित रहे।
सावन में जटाशंकर शिवधाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह दर्शाया कि शिवधाम पर्वत केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि डोंगरगढ़ की धार्मिक आस्था, शिवभक्ति और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।
विमल अग्रवाल
संपादक-डीजी न्यूज़







